हक के लिए संघर्ष
भारत एक लोकतांत्रिक देश है,सिर्फ कागजों में। अगर लोकतांत्रिक देश है तो फिर कहां है, यहाँ सही चीजों के लिए आवाज उठाना देशद्रोही माना जाता है।क्या पेपर लीक होना सही है? स्टूडेंट्स सही चीजों के लिए आवाज उठा रहे है,तो उसे जेल भेज दिया जा रहा है। वैज्ञानिक रोड पे धरना दे रहे है,जबकि उन्हें किसी रिसर्च में होना चाहिए। स्टूडेंट्स को स्कूल और कॉलेजों में होना चाहिए था, और ये कहां है रोड पे। क्या ऐसे होगा देश का विकास। कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का विरोध प्रदर्शन मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं की कथित तौर पर "तिलचट्टों" (कॉकरोच) से तुलना करने वाली मौखिक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ । इसके विरोध में अभिजीत दीपके ने इस व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया कैंपेन और जन आंदोलन की शुरुआत की। अभी तक क्या हुआ: डिजिटल लहर और शुरुआत: देखते ही देखते इस आंदोलन को ऑनलाइन भारी समर्थन मिला, इसके इंस्टाग्राम पर करोड़ों फॉलोअर्स हो गए और लाखों लोगों ने पंजीकरण कराया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन: नीट-यूजी पेपर लीक और भर्ती घोटालों के खिलाफ जून 2026 से दिल्ली के जंतर-मंत...