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cjp karyakarta hue riha

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  शांति भंग नहीं करेंगे, कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे...', लिखित आश्वासन के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को मिली जमानत   CJP के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को दिल्ली के SEM कोर्ट में पेश किया गया है जहां से उन्हें जमानत दे दी गई है। बता दें कि इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने सौरव दास और आशुतोष रांका को फटकार भी लगाई थी। सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत पर सुनवाई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत याचिका को लेकर बुधवार को मंदिर मार्ग SEM कोर्ट में सुनवाई हुई। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को जमानत दे दी। बता दें कि कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को बढ़ाने की मांग की थी। पुलिस ने दोनों की तीन दिन की न्यायिक हिरासत मांगी थी। हालांकि, कोर्ट ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुनाया और सौरव दास और आशुतोष रांका को जमानत दे दी है। जमानत के फैसले के बाद सौरभ दास और रांका को तिहाड़ जेल ले जाया गया। अब तिहाड़ जेल से उनकी रिहाई हो गई है। शांति भंग नहीं करने का दिया आश्वासन मामले की सुनवाई के दौरान ...

राम मंदिर परिसर में बड़ा बदलाव

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  राम मंदिर में चोरी के मामले में हुआ बड़ा खुलासा  अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले के बाद से लेकर अब तक व्यवस्था, सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर बहुत बड़े बदलाव किए गए हैं। विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई के बाद मंदिर का पूरा काउंटिंग सिस्टम और प्रशासनिक ढांचा बदल दिया गया है।   चोरी के खुलासे से लेकर अब तक हुए बदलावों की पूरी टाइमलाइन और विवरण निम्नलिखित है: 1. चोरी का खुलासा और SIT की रिपोर्ट (क्या हुआ था?) 40 दिन में 70 बार चोरी:  SIT की जांच में सामने आया कि 27 अप्रैल से 5 जून के बीच आरोपियों ने काउंटिंग रूम से 40 दिनों में करीब 70 बार पैसे चुराए। कुछ दिनों में तो एक ही दिन में तीन-तीन बार पैसे पार किए गए।   लापरवाही आई सामने : जांच में पाया गया कि पहले नोटों की गिनती के समय कर्मचारियों की तलाशी (Friskin) नहीं होती थी, वे अपनी जेबों वाले कपड़ों में बैठते थे और सीसीटीवी कैमरों की पर्याप्त निगरानी नहीं थी।   बड़ी बरामदगी : पुलिस और SIT ने अब तक 8 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से ₹78.94 लाख से अ...

हक के लिए संघर्ष

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भारत एक लोकतांत्रिक देश है,सिर्फ कागजों में। अगर लोकतांत्रिक देश है तो फिर कहां है, यहाँ सही चीजों के लिए आवाज उठाना देशद्रोही माना जाता है।क्या पेपर लीक होना सही है? स्टूडेंट्स सही चीजों के लिए आवाज उठा रहे है,तो उसे जेल भेज दिया जा रहा है। वैज्ञानिक रोड पे धरना दे रहे है,जबकि उन्हें किसी रिसर्च में होना चाहिए। स्टूडेंट्स को स्कूल और कॉलेजों में होना चाहिए था, और ये कहां है रोड पे। क्या ऐसे होगा देश का विकास। कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का विरोध प्रदर्शन मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं की कथित तौर पर "तिलचट्टों" (कॉकरोच) से तुलना करने वाली मौखिक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ । इसके विरोध में अभिजीत दीपके ने इस व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया कैंपेन और जन आंदोलन की शुरुआत की।  अभी तक क्या हुआ: डिजिटल लहर और शुरुआत: देखते ही देखते इस आंदोलन को ऑनलाइन भारी समर्थन मिला, इसके इंस्टाग्राम पर करोड़ों फॉलोअर्स हो गए और लाखों लोगों ने पंजीकरण कराया।   जंतर-मंतर पर प्रदर्शन: नीट-यूजी पेपर लीक और भर्ती घोटालों के खिलाफ जून 2026 से दिल्ली के जंतर-मंत...

सादगी का महत्व (न्याय मूर्ति रानाडे )

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जीवन में सादगी का तात्पर्य है कि हमारा खान पान रहन सहन सभी कुछ साधारण हो. हमारी आवश्यकताऐ सीमित हो. हम आवश्यकता से अधिक धन संग्रह कभी ना करें. हम कम वस्तुओं मे जीने की कला सीखें, ताकि सदा एक जैसा जीवन बीते. न  सुख में इतराye बावजूद हमारे विचार ऊंचे हो। हमे सदा दूसरों के प्रति स्नेह और सदभाव रखना,उनकी भालाई व साहायता करना तथा निर्भिमानी होना चाहिए।सदा जीवन उच्च विचार के पालन से मनुष्य अपने साथ समाज को भी सुखी रखता है। सदा जीवन, उच्च विचार जीवन जीने की सर्वोत्तम विधी है। संसार में जितने भी महापुरुष हुए है, उनका रहन सहन एकदम साधारण रहा। उन्होंने सांसारिक सुखों से स्वयं को सदैव दूर रखा। हमारे महापुरुषों में से महादेव गोविंद रानाडे एक है।बात उन दिनों की है जब वे विद्यार्थी थे। उनके मकान के ठीक आगे एक अमीर स्त्री रहती थी। उसने सुख काल में खूब मौज किया और धन की बर्बादी भी की। कुछ दिन बाद वह गरीब हो गई। उसे खूब कष्ट होने लगा।फलत: वह रोज अपने आप को धिक्कारती और स्वयं पर क्रोध करती। वह खीझकर कर कहती   "स्वादिष्ट पदार्थ खाते खाते जीभ की आदत बिगड़ गई है,अब तो सुखी रोटी भी नहीं मिलती।...