राम मंदिर परिसर में बड़ा बदलाव

 

राम मंदिर में चोरी के मामले में हुआ बड़ा खुलासा 

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले के बाद से लेकर अब तक व्यवस्था, सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर बहुत बड़े बदलाव किए गए हैं। विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट और पुलिस कार्रवाई के बाद मंदिर का पूरा काउंटिंग सिस्टम और प्रशासनिक ढांचा बदल दिया गया है।
चोरी के खुलासे से लेकर अब तक हुए बदलावों की पूरी टाइमलाइन और विवरण निम्नलिखित है:
1. चोरी का खुलासा और SIT की रिपोर्ट (क्या हुआ था?)
  • 40 दिन में 70 बार चोरी: SIT की जांच में सामने आया कि 27 अप्रैल से 5 जून के बीच आरोपियों ने काउंटिंग रूम से 40 दिनों में करीब 70 बार पैसे चुराए। कुछ दिनों में तो एक ही दिन में तीन-तीन बार पैसे पार किए गए।
  • लापरवाही आई सामने: जांच में पाया गया कि पहले नोटों की गिनती के समय कर्मचारियों की तलाशी (Friskin) नहीं होती थी, वे अपनी जेबों वाले कपड़ों में बैठते थे और सीसीटीवी कैमरों की पर्याप्त निगरानी नहीं थी।
  • बड़ी बरामदगी: पुलिस और SIT ने अब तक 8 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से ₹78.94 लाख से अधिक की नकदी, विदेशी मुद्रा और आभूषण बरामद किए हैं। यह पैसा आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में जमा करा दिया था।
2. प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल (इस्तीफे और नई नियुक्तियां)
  • बड़े चेहरों की विदाई: इस विवाद के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। गोपाल राव को भी व्यवस्था से हटा दिया गया है।
  • पास व्यवस्था निरस्त: चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की आईडी से जारी होने वाले सभी वीवीआईपी (VVIP) और सुगम दर्शन पास तुरंत प्रभाव से अमान्य (ब्लॉक) कर दिए गए हैं।
  • नए CEO की तैयारी: राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक काम को और मजबूत करने के लिए अब एक स्थायी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की अगली बैठक में कई कमेटियों को भंग कर नए सिरे से पुनर्गठित किया जाएगा।
  • संयुक्त हस्ताक्षर नियम: वित्तीय पारदर्शिता के लिए अब किसी भी बैंक लेनदेन के लिए अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, मुख्य अभियंता जगदीश आफले और चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय के संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य कर दिए गए हैं।
3. सुरक्षा और काउंटिंग सिस्टम में जमीनी बदलाव
चोरी की घटना के बाद अमर उजाला और आज तक की रिपोर्ट्स के मुताबिक काउंटिंग सेंटर को पूरी तरह 'हाई-टेक और सख्त' बना दिया गया है:
  • बिना जेब की वर्दी (Pocketless Dress): नोट गिनने वाले सभी कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले विशेष नीले रंग के पट और टी-शर्ट अनिवार्य कर दिए गए हैं।
  • गहने और मोजे पहनने पर रोक: काउंटिंग रूम में कर्मचारियों के मोजे, सोने की चेन, अंगूठी या कड़ा पहनकर जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
  • गहन तलाशी और गैजेट्स बैन: रूम में प्रवेश और निकास के समय बायोमीट्रिक हाजिरी और कड़ी शारीरिक तलाशी ली जाती है। मोबाइल या खाने का सामान अंदर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
  • सीसीटीवी और नया कंट्रोल रूम: निगरानी के लिए 13 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिन कोनों पर पहले कैमरे नहीं थे, वहां भी कैमरे लगाकर एक नया और स्वतंत्र कंट्रोल रूम तैयार किया गया है।
  • सुरक्षा बलों की तैनाती: दान पेटियों को मंदिर परिसर से काउंटिंग रूम तक सुरक्षित ले जाने के लिए 27 अतिरिक्त एसआईएस (SIS) सुरक्षाकर्मियों और पुलिस बल की तैनाती की गई है। विशेष रूप से 'गुप्त दान पेटी' वाले पिलर नंबर-34 पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
  • पूर्व सैनिकों की ड्यूटी: चढ़ावे की गिनती की लाइव निगरानी के लिए ट्रस्ट ने अब रिटायर्ड फौजियों (पूर्व सैनिकों) को तैनात किया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
  • योग और मंत्रोच्चार: कर्मचारियों की मानसिक और आत्मिक शुद्धि के लिए काउंटिंग से पहले और बाद में योग, प्राणायाम तथा मंत्रोच्चार अनिवार्य किया गया है। अब टेबल की जगह जमीन पर बैठकर नोट गिने जा रहे हैं और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होती है।
4. कर्मचारियों का विरोध (ताजा अपडेट)
  • इन कड़े नियमों, पुलिस वेरिफिकेशन, बिना जेब के कपड़ों के प्रोटोकॉल और ड्यूटी के बढ़े हुए घंटों के विरोध में हाल ही में नोट गिनने वाले 23 कांट्रैक्ट कर्मचारियों ने एक साथ इस्तीफा सौंप दिया था। हालांकि, ट्रस्ट ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए पुराने संदिग्धों को हटाकर 40 से अधिक नए लोगों को काम पर लगा दिया है।
  • इसकी अगली सुनवाई 14 जुलाई को रखी गई है।
  • जैसे ही इस से जुड़ी कोई खबर हम तक पहुंचेगी मैं आप सब को बताता रहूंगा।


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