सादगी जीवन में सादगी का तात्पर्य है कि हमारा खान पान व रहन सहन सभी कुछ साधारण हो ।हमारी आवस्यकताएं एकदम सीमित हो।हम आवश्यकता से अधिक धन संग्रह कभी न करें। हम कम वस्तुओं में जीने की कला सीखे,ताकि सदा एक जैसा जीवन बीते । ना सुख में इतराए ना दुख में घबराए। लेकिन सादगी के बावजूद हमारे विचार ऊंचे हो। हमें सदा दूसरों के प्रति स्नेह और सद्भाव रखना,उनकी भलाई व सहायता करना तथा नर भिमानी होना चाहिए। सादा जीवन उच्च विचार के पालन से मनुष्य अपने साथ समाज को भी सुखी रखता है। सादा जीवन उच्च विचार जीवन जीने की सर्वोत्तम विधि है। संसार में जितने भी महापुरुष हुए हैं उनका रहन-सहन एकदम साधारण रहा है। उन्होंने सांसारिक सुखों से स्वयं को सदैव दूर रखा है। हमारे महापुरुषों में से महादेव गोविंद रानाडे एक है । बात उन दिनों की है जब वह विद्यार्थी थे। उनके मकान के ठीक सामने एक अमीर स्त्री रहती थी। उसने सुख काल में खूब मौज किया और धन की बर्बादी भी की। कुछ दिनों में वह करीब हो गई। उसे खूब कष्ट होने लगा। फलत: वाह रोज अपने आप को धिक्कारती और स्वयं पर क्रोध करती। वह खीझकर क...
एक आदमी मेले में गुब्बारे बेचकर गुजर बसर करता था। उसके पास लाल,नीले ,पीले ,हरे ,और इसके अलावा कई रंगों के गुब्बारे थे।जब उसकी बिक्री कम होने लगती तो वह हिलियम गैस से भरा एक गुब्बारा हवा में उड़ा देता। जब बच्चे उस उस उड़ते गुब्बारे को देखते तो वैसा ही गुब्बारा पाने के लिए आतुर हो उठते। वह उसके पास गुब्बारे खरीदने पहुंच जाते और उस आदमी की बिक्री फिर से बढ़ने लगती। उस आदमी की बिक्री जब भी घटती वह उसे बढ़ाने के लिए गुब्बारे उड़ाने का यही तरीका अपनाता। 1 दिन गुब्बारे वाले को महसूस हुआ कि कोई उसके जैकेट खींच रहा है, उसने पलट कर देखा तो वहां एक बच्चा खड़ा था। बच्चे ने उनसे पूछा, " अगर आप हवा में किसी काले गुब्बारे को छोड़ें, तो क्या वह भी उड़ेगा?" बच्चे के इस सवाल ने गुब्बारे वाले के मन को छू लिया बच्चे की ओर मुड़ कर उसने जवाब दिया, "बेटे गुब्बारे अपने रंग की वजह से नहीं बल्कि इसके अंदर भरी चीज की वजह से उड़ता है।" [हमारी जिंदगी भी में भी यही उसूल लागू होता है । अहम चीज हमारी अंदरूनी शख्सियत हैं , हमारी अंदरूनी शख्सियत की वजह से हमारा जो नजरिया बनता है वही...
पश्चिमी सिंहभूम (झारखंड की रत्नगर्भा) स्थापना वर्ष --- 16 जनवरी 1990 अवस्थिति --- झारखण्ड राज्य के दक्षिण भाग में सीमाएं --- पूर्व में सरायकेला - खरसावाँ,पश्चिम में सिमडेगा,उत्तर में खूंटी, दक्षिण में उड़ीसा समुद्र तल से ऊंचाई --- 244 मीटर (800 फीट) कुल क्षेत्रफल --- 5351.41 वर्ग किलोमीटर कुल जनसंख्या ---- 1502338 पुरुष जनसंख्या ---- 749385 महिला जनसंख्या ---- 752953 नगरीय आबादी ---- 218034 नगरीय आबादी का प्रतिशत ---- 14.51 ग्रामीण आबादी ---- 1284304 ग्रामीण आबादी का प्रतिशत ----- 85.49 अनुसूचित जनजाति की संख्या ----- 1011296 कुल जनसंख्...
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